जवाब

क्या “द हिंदु” अखबार के यूँ ही भाव बढे हुए हैं ?

, छात्र

जवाब 1 year पहले लिखा गया • आपको इस में दिलचस्पी हो सकती है

नहीं.

मैं आपको एक मिसाल देती हूँ. 04-October के दिन मैंने जब हिन्दू वेबसाइट खोली तो मुझे ये दिखा :

खबर  दी गयी थी की Elphinstone भगदड़ के बचाव कार्य के दौरान  एक लड़की का यौन उत्पीड़न हुआ ... इस दुर्घटना से ज़्यादा उत्पीड़न की खबर सभी अख़बारों और चैनलों पर रही. फोटो देख कर आप इस खबर को साबित नहीं कर सकते और न ही खारिज कर सकते हैं. मुझे तो खुद लगा के वो आदमी मदद करने की कोशिश कर रहा था. लेकिन हमारे देश की पत्रकारिता का तो आपको पता ही है..

लेकिन जब हिन्दू को ये मालूम हुआ की वो खबर ग़लत थी.... तो उसने माफ़ी मांगी.. और रिपोर्टर का नाम भी लिखा लेकिन आज तक मुझे किसी और मीडिया में इस बारे में कोई माफ़ीनामा नहीं मिला है..

हिन्दू का ट्विटर फीड देखिये .

आज कल गरमा-गरम खबर बनाना तो आसान है मगर अपनी ग़लती क़ुबूल करना मुश्किल ... वो भी इतने बड़े मीडिया हाउस द्वारा.

तो आप अब क्या कहते हैं "The Hindu" के बारे में?

 

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