भारतीय माँ-बाप क्या ग़लत कर रहे हैं ?

, उद्यमी

जवाब 2 years पहले लिखा गया • आपको इस में दिलचस्पी हो सकती है

घर पर अपने बच्चों से अंग्रेजी में बात चीत !

पुणे में जब मेरी बेटी २ साल की थी तो एक साहब उससे अंग्रेजी में बात करने लगे . ये सोच कर के वो अंग्रेजी स्कूल में तो सीख ही लेगी, मैंने उसे  A-B-C से ज़्यादा अंग्रेजी का कुछ भी नहीं सिखाया था, तो वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी.

उन साहब को अच्छा नहीं लगा


जब मैं कनाडा पंहुचा तो मेरे पास थोड़ी सी पार्किंग की जगह थी जो मैंने किराये पर देदी. जिस आदमी ने उस जगह को किराये पर ली वो एक अंग्रेजी के टीचर निकले और जिनका ताल्लुक़ पुर्तगाल से था, ये उनके शब्द हैं  - "घर पर आप अपनी बेटी से हिंदी में बात मत किया करें. स्कूल जा कर अंग्रेजी तो वो खुद ही सीख लेगी. मेरे माँ  बाप मुझ से घर पर पुर्तगाली में बात नहीं करते थे और उसका नतीजा ये है की मैं पुर्तगाली नहीं जानता और मुझे इस बात का दुःख रहता है. अपने घर में आपको अपनी बच्ची से  हिंदी में ही बात करनी चाहिए "

ये बात मुझे बिलकुल ठीक लगी . मैं ज़्यादा नहीं कहूंगा मगर घर - कॉलोनी या स्कूल के दोस्तों से कभी इंग्लिश में बात न करने के बावजूद मेरी खुद की अंग्रेजी बिलकुल ठीक ठाक है. और मेरी हिंदी भी अछि है, और चूंकि मेरे दोस्तों ने मुझे कलकत्ता में बांगला  बोलना सिखाया था तो मैं बंगाली भी बोल सकता हूँ .

अगर आपको को सच में अपनी मातृ भाषा से प्यार है तो उन्हें अपने बच्चों से अपनी भाषा में बात करनी चाहिए . अंग्रेजी तो खुद ही आ जाएगी और वैसे भी हर चीज़ आगे बढ़ रही है . और भविषय में एक से ज़्यादा भाषा जानने वालों की मांग भी ज़्यादा रहेगी.

951 बार पढ़ा गया · 335 Upvotes
Upvote 335
जवाब लिखें