सवाल

भारत का सबसे भ्रष्ट नेता कौन है और कैसे ?

किरात सदस्यों द्वारा लिखे गये जवाब

राजनीति
, उद्यमी

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मुझे मालूम है की इस जवाब के बाद मुझे बहुत सी गालियां सुनने को मिलेगी और इस जवाब पर गंदे कमैंट्स आएंगे  पर जिस नाम के बारे में मैं लिखने जा रहा हूँ वो अब तक नहीं लिखा गया है ... मैं केवल घोटालों पर बात नहीं करूँगा.. आज मैं थोड़ा दायरा बढ़ा के बात करूँगा ...

खंडन : ये मेरे व्यक्तिगत विचार हैं.. अगर हम इन विचारों पर सहमत नहीं हैं तो कम से कम असहमत होने पर तो सहमत हो सकते हैं 

नरेंद्र मोदी 

ये आदमी.. गुजरात के पूर्व चेइफ़ मिनिस्टर अब हमारे देश का PM है ... ये दक्षिणपंथी और RSS का कट्टर समर्थक हैं. जब से इनकी सर्कार आयी है देश के ज़्यादातर हिस्सों में धीरे धीरे सामाजिक ताना - बाना तोडा जा रहा .. हमारा आपसी सौहार्द बिखरता हुआ नज़र आ रहा है . ये जब भी किसी इलेक्शन की कैंपेनिंग करते हैं ... इनकी पूरी कोशिश रहती है की कोई न कोई कंट्रोवर्सी खड़ी करें ताकि दो समुदायों के बीच दूरी बढे , ये साहब वोट के ध्रुवीकरण का कोई मौक़ा नहीं छोडते.

ये भारत और दुनिया के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो ट्रॉल्स को फॉलो करते हैं. एक राज्य में कुछ दिनों के भीतर 100 से ज़्यादा बच्चे मर गए मगर इन्होने एक शब्द नहीं कहा मगर जब कभी दूर किसी देश में कहीं कुछ घटना होती है तो फ़ौरन ट्वीट कर देते हैं ... हाँ ये अच्छी बात भले है की इन्हें दूर दराज के लोगों की भी फ़िक्र है मगर ये भारत के भी तो प्रधानमंत्री हैं ..  क्या इन्हें अपने देश के लोगों से हमदर्दी नहीं दिखानी चाहिए ? एक रिपोर्टर की हत्या हो जाती है जो इनकी नीतियों के खिलाफ लिखा और बोला करते थे ... ये कुछ नहीं बोले...मगर दुसरे देशों में आतंकी हमलो की निंदा फ़ौरन कर देते हैं ...

ये साहब धीरे धीरे विपक्ष को या तो पैसों से या CBI जांच करा के ख़त्म करते चले जा रहे हैं ... जो कोई आवाज़ उठाये उस की सीबीआई/ED जांच होने लगती है..चाहे वो कोई पोलिटिकल पार्टी हो या मीडिया.. बात तो यहाँ तक पहुंच गयी है की आप पब्लिक में इनके खिलाफ कुछ नहीं बोल सकते .. और अगर ऐसा किया तो ट्रॉल्स या CBI द्वारा आपका मुँह बंद कर दिया जायेगा ...और आप मारे भी जा सकते हैं. मीडिया घराने भी या तो इसकी पार्टी ने खरीद रखे हैं या उनकी CBI जांच चल रही है. संक्षेप में कहा जाये तो एक ऐसी इमरजेंसी चल रही है जी डिक्लेअर नहीं हुई ... इनकी सरकार हर यूनिवर्सिटी में एक टैंक रखने का प्लान बना रही है ... मज़ेदार है न ? जवाब हाँ में है तो हँसिये मत क्यों के ऐसा करने पर आपको जेल में डाला जा सकता है ..

इतिहास की किताबों को ग़लत तथ्यों से भर कर दुबारा लिखा जा रहा है जिससे हिंदुत्व की शान बढे ... ये एक तरह की अपना ही मज़ाक़ बनाने वाली बात है .. इन्हें अपने आसपास विद्वान लोग पसंद नहीं हैं क्यों के वो होश की बात करते हैं ... ये खुद कोई विद्वान नहीं (इनकी डिग्री का कुछ नहीं कह सकते) मगर खुद को विद्वान से कम नहीं समझते. ये वही हैं जो हार्वर्ड का भी मज़ाक़ बनाते हैं और अपने आप को नोबेल विजेताओं से भी ऊपर समझते हैं. कोई इनसे सवाल करे इस बात की इजाज़त नहीं ....यहाँ तक की इनके अपने MP भी इनसे कोई सवाल नहीं कर सकते

इनको दूर का कुछ नहीं दिखाई पड़ता है और इस चक्कर में हमारे देश की अर्थवयवस्था की की ऐसी तैसी हो चुकी है ... ये बस सरकारी स्कीमों को नए नए नामो से दुबारा ले आते है.. वही स्कीम जो पिछली सरकारें लायी थी ... और पूरा का पूरा क्रेडिट खुद ले लेते हैं

इन्होने सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय भी ले लिया मगर नोटेबंदी की आपदा पर कभी आगे नहीं आये.  NIPFPके प्रोफेसर कविता रओ के हिसाब से नोटेबंदी के कारण 12 लाख करोड़ का नुकसान हुआ ... असर इससे भी बड़ा हो सकता है ..सीधे मज़दूरों और किसानो का नुकसान हुआ ...  इतिहास के किसी भी घोटाले से ज़्यादा बड़ा घोटाला रहा ..

इस "तुगलकी फरमान" से बड़े से ले कर छोटे बिज़नेस, सब पूरी तरह से बर्बाद हो गए.  कम से कम किसी अर्थशास्त्री से पूछना चाहीये था....लेकिन मोदी जी के लिए पूछना कोई अच्छी बात थोड़ी न है ... सो  देश का डायरेक्ट प्रयोगशाला बना दिया. और हार्वर्ड तो इनके स्टैण्डर्ड से बहुत नीचे की चीज़ है तो इन्होने "गौशाला" खोने शुरू किये हैं  ... उसके बाद "GST" नमक शैतान ले कर आये..बात लम्बी हो जाएगी ... लिस्ट ज़्यादा चली जाएगी ....

इनका अडानी से इश्क़ की कोई ढका छुपा नहीं है ... हर कोई जनता है के अडानी कैसे बड़ा हुआ ...और क्यों ... न सिर्फ अडानी ..बल्कि सारे पूंजीवादी लोगों से इनका प्यार पूरी तरह से खुला हुआ है ... दो बड़ी कंपनियों ने अपने विज्ञापन में इनका फोटो लगाया ...और एक सॉरी से काम चल गया ..वही मोदी जी वाह !

फिर गुजरात के दंगे हैं.. 2000 लोग मारे गए ... बहुत से लोग मानते हैं की इनका हाथ नहीं था.. और कोर्ट ने इनको सबूत की कमी होने की वजह से क्लीन चिट भी देदी मगर ...दिल की गहराईयों में तो हर कोई जानता है की इनका क्या रोले रहा है. शार्ट में कहें तो इनके तीन साल बर्बादी के तीन साल रहे हैं ... और मेरी नज़र में भारत को इससे बदतर PM नहीं मिल सकता .

अमित शाह 

उसके बाद है ये आदमी.. इनका नाम है आमिर शाह.. ये मोदी के हर काम में उनके पार्टनर है.. इनकी विशेषता ये है की ये जहाँ जाते हैं ... पीछे पीछे फसाद भी आता है.. दंगे होते हैं...जाने क्यों दंगों और अमित शाह की अच्छी दोस्ती है ...दोनों एक दुसरे के साथ ही रहते हैं .. ये चाहे जहाँ जाये ...पाकिस्तान का नाम ज़रूर लेते हैं ... आखिर इन्हें पाकिस्तान से प्यार जो है... और हो भी क्यों न ... इनके दोस्त (अडानी) का पाकिस्तान में अच्छा कारोबार जो है ...

इन्होने भी गुजरात फसाद में काफी काम किया... किस तरफ से और क्या काम ये तो आप बखूबी जानते हैं. और इनके बेटे के बारे में जो खबर है उसके तो कहने ही क्या.. वैसे इससे ज़्यादा नहीं कहूंगा ...कहीं ये मुझ पर भी मानहानि केस न डाल दें .. असली "विकास पुत्र" हैं ये....पढ़िए: Jay Amit Shah's Response to The Wire's Report.

कभी कभार ये मोदी के बचाव में भी आगे आते हैं.. जैसे मोदी जी की 15 लाख वाली बात पर इन्होने बताया की 15 लाख वाली बात तो सिर्फ एक "जुमला" थी और GDP में कमी तो सिर्फ टेक्निकल कारणों से हुई थी ...दुनिआ भर के सारे अर्थशास्त्री अभी भी अपना सर खुजा रहे है और उन टेक्निकल करने को ढूंढ रहे हैं ...

और इसी लिए तो ये हैं अमित शाह .. हर एक से बड़े और ये जो कह दें वही है बस... इनकी तारीफ में तो शब्द कम पड़ जाते हैं ..बाक़ी आप खुद समझ लीजिये .. .

दुसरे - इन दोनों के बाद आते हैं ममता बनर्जी, योगी  आदित्यनाथ, शरद पवार . करूणानिधि और दुसरे लोग...  इनमे से कुछ लोगों के नाम तो भ्रष्ट लोगों की सूची में आ चुके है .. बाक़ी इस लिस्ट में आने की पूरी कोशिश कर रहे है...

मज़े करें .. खुश रहिये ..

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